दुनिया में हर तीसरा शख्स हो रहे है न्यूरोलॉजिकल समस्या का शिकार, मौत और लकवा भी बन रहे है इसकी वजह

Categories
Neurologist

दुनिया में हर तीसरा शख्स हो रहे है न्यूरोलॉजिकल समस्या का शिकार, मौत और लकवा भी बन रहे है इसकी वजह

Loading

पूरे विश्व भर में बीमारियों का केहर बढ़ते ही जा रहा है | जिसकी वजह से हर साल कोई न कोई नयी बीमारी उत्पन्न हो जाती है,  जो हर वर्ग के लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर देती है | आप यह जानकर आश्चर्यचकित हो जायेंगे की दुनिया भर में कम से कम 300 करोड़ लोग न्यूरोलॉजिकल समस्या से जूझ रहे है | यदि आसान भाषा में बात करे तो दुनिया भर में हर तीसरा शख्स न्यूरोलॉजिकल बीमारी का शिकार हो जाता है | न्यूरो लाइफ ब्रेन & स्पाइन सेंटर के सीनियर कंस्टलटेंट डॉक्टर अमित मित्तल जो की न्यूरोसर्जरी में एक्सपर्ट है, उन्होंने अपने रिसर्च में इस बात का खुलासा किया की कोरोना काल के बाद से दुनिया भर में कम से कम 3 बिलियन से अधिक लोग न्यूरोलॉजिकल समस्या के अपना जीवन व्यतीत कर रहे है | 

See also  How to choose the right and experienced neurosurgeon for your health?

 

न्यूरोलॉजिकल कंडीशन एक ऐसी स्थिति है जिससे दुनिया भर के लोगों में ख़राब स्वास्थ्य और विकलांगता का कारण बन रही है | न्यूरोलॉजिकल कंडीशन के कारण होने वाली बीमारी, विकलांगता और मौतों का दर 1990 के बाद से 18 प्रतिशत तक वृद्धि हो गया है | चिंता का विषय तो यह है की न्यूरोलॉजिकल कंडीशन से होने वाले सबसे ज़्यादा मौतें कम आय वाले देशों में हो रही है | हाई इनकम वाले देशों में निम्र और मध्य आय वाले देशों की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक न्यूरोलॉजिकल प्रोफेशनल मौजूद होते है | साल 2021 के बाद से सबसे कॉमन समस्या न्यूरोलॉजिकल कंडीशन पायी गयी है, जिनमे शामिल है स्ट्रोक, नियोनेटल एन्सेफ़ेलोपथी, माइग्रेन, डिमेंशिया, डाइबिटिक न्युरोपैथी, मेनिनजाइटिस, मिर्गी, समय से जनम से ही न्यूरोलॉजिकल जटिलताएं, ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर और नर्वस सिस्टम कैंसर |

See also  5 Common Causes of Suffering Through Nerve Pain

 

डॉक्टर अमित मित्तल ने यह भी बताया की इस रिसर्च के दौरान इस बात का भी खुलासा हुआ है की न्यूरोलॉजिकल कंडीशन महिलाओं की तुलना में पुरुषों में सबसे अधिक बीमारी और विकलांगता का कारण बनती है | हालांकि माइग्रेन और डिमेंशिया जैसे न्यूरोलॉजिकल कंडीशन महिलाओं को सबसे ज़्यादा प्रभावित करती है | साल 1990 के बाद से न्यूरोलॉजिकल कंडीशन से मरने वालो का दर तेज़ी से बढ़ते ही जा रहा है | चिंता की बात तो यह है की पूरे विश्व भर में डाइबिटिक न्युरोपैथी सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है, जिससे पीड़ित लोगों की संख्या अब 3 गुना से भी अधिक हो गयी है | डाइबिटिक न्युरोपैथी डॉयबटीज मरीज़ों में होने वाली एक ऐसे समस्या है, जिससे शरीर की नस्से डैमेज हो जाती है | 

See also  सुबह खाली पेट करें 1 चम्मच शहद का सेवन, दिमाग के लिए होता है काफी ज्यादा फायदेमंद, डॉक्टर से जानें इसका कारण

 

यदि आप भी किसी प्रकार के न्यूरोलॉजिकल कंडीशन से गुजर रहे हैं तो बेहतर यही है की आप डॉक्टर के पास जाकर इसका इलाज करवाएं, ताकि इस समस्या से आप जल्द से जल्द छुटकारा पा सके | इसके लिए आप न्यूरो लाइफ ब्रेन & स्पाइन सेंटर से भी परामर्श कर सकते है | यहाँ के डॉक्टर अमित मित्तल न्यूरोसर्जरी में एक्सपर्ट है, जो इस समस्या से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद कर सकते है |