अचानक होने वाले दिमागी दौरे के लक्षण, कारण, खर्चा और इलाज

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अचानक होने वाले दिमागी दौरे के लक्षण, कारण, खर्चा और इलाज

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Stroke (Brain Attack) दिमागी दौरा हैं क्या ?

सीजर्स जिसे हम आम भाषा में दिमागी दौरा या फिट्स के नाम से जानते हैं. ये बीमारी किसी भी उम्र में किसी भी व्यक्ति को अपना शिकार बना सकती है।

जब दिमाग में किसी तरह का इलेक्ट्रिकल डिस्टर्बेंस पैदा होने लगता है तो ये दौरे पड़ते हैं. फिट्स या सीजर्स के दौरान व्यक्ति का व्यवहार, सोचने और समझने की क्षमता काफी प्रभावित होती है।

अगर आपको 2 बार से अधिक सीजर्स या दौरे आ चुके हैं तो उसे एपिलेप्सी यानि मिर्गी भी कह सकते हैं. ये दौरे अलग-अलग तरह के और अलग-अलग वजहों से होते हैं. दौरे का समय 30 सेकंड से 2 मिनट तक का हो सकता है.

दौरा किन स्थितियों में पड़ता है :

 ० बेहद तनाव लेना।

० समय पर दवाई न लेने से।

० कम नींद लेना।

० हॉर्मोंस में बदलाव का आना।

० ज्यादा शराब पीना।

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० ब्लड शुगर का गिरना।

० ब्लड प्रेशर का कम हो जाना।

कारण क्या दिमागी दौरा पड़ने के ?

 > जनेटिक यानि की जीन्स में गड़बड़ी।

> स्ट्रोक या ब्रेन ट्यूमर का होना।

> गर्भ में चोट का लगना।

> दिमाग में टेपवर्म या कीड़े का उत्पन होना।

> कैल्शियम और सोडियम की कमी।

यदि आप इस दौरे के कारण अत्यधिक परेशान हैं तो बेस्ट न्यूरोलॉजिस्ट लुधियाना का चयन आपके लिए उत्तम हैं। क्युकि इस बीमारी से निजात पाना बहुत जरूरी हैं। जिसके लिए न्यूरोलॉजिस्ट एक अच्छा विकल्प हैं।

दिमागी दौरे से निजात पाने में खर्चा कितना आता हैं ?

 इस दौरे के इलाज का खर्चा हर हॉस्पिटल में अलग-अलग हैं। तो वही इस बीमारी की सर्जरी में शुरुआती लागत कुछ हॉस्पिटल्स में तक़रीबन 40,000 तक की आ जाती हैं।

लक्षण क्या हैं इस बीमारी के ?

– आंखों के आगे अंधेरा छा जाना।

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– शरीर का अकड़ जाना।

– मुंह से झाग आना।

– बेहोश हो जाना।

– हाथ या पैर का लगातार चलना।

– होंठ या जीभ काट लेना।

इलाज क्या है इस दौरे का ?

 इसका इलाज एक अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट के द्वारा किया जाता हैं। ताकि मरीज़ की स्थिति जल्दी ठीक हो सकें। तो वही मरीज़ को जल्दी आराम मिले उसके लिए डॉक्टर्स कुछ टेस्ट का भी सुझाव देते है जिससे की रोगी को जल्दी आराम मिल सके। टेस्ट की अगर बात करें तो रोजाना ब्लड टेस्ट, एमआरआई (MRI) इइजी (EEG) इन टेस्टों के रिजल्ट को देखते हुए डॉक्टर कुछ दवाएं भी देते हैं। जिससे की मरीज़ जल्दी ठीक हो जाए।

  • तो वही अगर दवाइयां मरीज़ को नहीं सूट करती तो डॉक्टर उन्हे सर्जरी की सलाह देते हैं जिससे की मरीज़ की हालत जल्दी ठीक हो सके।

किन बातों का रखें ध्यान ?

– दवाई का सेवन समय पर करें।

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– रोजाना 7-8 घंटे की भरपूर नींद लें और तनाव को न पनपने दे।

– फल-सब्जियों का सेवन भरपूर मात्रा में करे।

– ड्राइविंग बिल्कुल भी न करें।

– न तो स्वीमिंग करें और न ही बाथटब में नहाएं।

– बहुत ऊंची जगहों पर न जाएं।

निष्कर्ष :

दिमागी दौरे ने आपको अत्यधिक परेशान कर रखा हैं तो अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट का चुनाव करें और उस हॉस्पिटल का चुनाब करे जहा पर इसके सभी टेस्ट उपलब्ध हो और इलाज भी काफी अच्छा किया जा रहा हो। यही नहीं इस इलाज के लिए बहुत से लोग न्यूरो लाइफ ब्रेन एंड स्पाइन सेंटर का सुझाव भी देते है क्युकि इस हॉस्पिटल में ऐसे मरीज़ो का इलाज काफी अच्छा किया जाता हैं। अन्तः आपको इस लेखन के माध्यम से यही समझाने का प्रयत्न किया जा रहा हैं कि अपनी सेहत को लेकर कृपया लापरवाह न हो।