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अब तक तो सभी इसके बारे में जान ही गए होंगे, कि पार्किन्संस जैसी बीमारी एक इस तरह की समस्या है, जो एक व्यक्ति के शरीर को काफी ज्यादा कमजोर कर देती है। इस समस्या के दौरान एक व्यक्ति की जीवन शैली पूरी तरीके से प्रभावित हो जाती है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि इस बीमारी के बहुत से कारण हो सकते हैं, जिस में डॉक्टर के अनुसार जेनेटिक कारण और पर्यावरण के कारण भी शामिल हो सकते हैं। आम तौर पर, पार्किंसंस बीमारी आज के युवाओं और बुजुर्गों पर एक समान रूप से असर डालती है। आपको बता दें, कि अगर इस समस्या को भारत के नजरिये से देखा जाये, तो इसके प्रति लोगों में जानकारी की काफी ज्यादा कमी है। हालांकि, अगर पार्किंसंस बीमारी को इसके शुरुआती लक्षणों से पहचान लिया जाये, तो इस की वजह से शरीर में होने वाली गंभीर परेशानियों से अपना बचाव किया जा सकता है। दरअसल, समस्या का समय पर इलाज न किये जाने पर, यह सेहत के लिए और भी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए, वक्त रहते समस्या की पहचान और इलाज दोनों ही बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं।
पार्किंसंस जैसी बीमारी के लक्षणों में शरीर के अंगों में कंपकंपी महसूस होना, शरीर में एक अलग सी ही जकड़न का महसूस होना, हर वक्त सुस्ती होना, चलने फिरने में काफी ज्यादा दिक्कत महसूस होना और साथ में शरीर का संतुलन बनाने में काफी परेशानी का सामना करना शामिल हो सकता है। इसके अलावा, जब पार्किन्संस जैसी समस्या एक व्यक्ति में काफी ज्यादा बढ़ने लग जाती है, तो इस दौरान व्यक्ति ज्यादातर तनाव और डिप्रेशन जैसी समस्या की भी शिकायत करने लग जाता है। आम तौर पर, इसके साथ ही इसकी कुछ स्थितियों में, जो लोग पार्किन्संस जैसी समस्या से जूझ रहे होते हैं, दरअसल वह इसके साथ- साथ डिमेंशिया जैसी समस्या का भी शिकार हो जाते हैं। हालांकि, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि अगर इस समस्या के दौरान आपको इस तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से या फिर किसी अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए। इस के साथ ही, शारीरिक गतिविधियों से जुड़े किसी भी तरह के विकारों से अपना बचाव करने के लिए आप अपनी जीवन शैली में कुछ विशेष उपाओं को अपना सकते हैं। ऐसे में, बहुत से लोग जानना चाहते हैं, कि पार्किन्संस बीमारी से लड़ने के लिए किन उपायों को अपनाया जा सकता है? दरअसल, इस तरह की समस्या से लड़ने के लिए आप समय पर सोना, रोजाना अपना नाश्ता करना न भूलना, नियमित कसरत और वर्कआउट करना और डाइट में विटामिन और मिनरल्स को शामिल करना जैसे कुछ उपाय को आप अपनी जीवन शैली में शामिल कर सकते हैं। आइये इस लेख के माध्यम से इसके बारे में इस के डॉक्टर से और विस्तार से जानकारी प्राप्त करते हैं।
पार्किन्संस बीमारी से लड़ने के लिए इन 2 बातों का ध्यान रखना चाहिए।
दरअसल, पार्किन्संस जैसी समस्या से लड़ने के लिए आप निम्नलिखत 2 बातों का ध्यान रख सकते हैं, जैसे कि
- समय पर सोना
यह सभी जानते हैं, कि एक व्यक्ति को बेहतर सेहत प्राप्त करने के लिए एक अच्छी नींद लेना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, आपकी जानकारी के लिए आपको बता दें, कि जो लोग रोजाना एक अच्छी नींद प्राप्त नहीं करते हैं, उनके नर्व सिस्टम में परेशानी हो सकती है। आम तौर पर, एक अच्छी नींद प्राप्त करने के लिए इस दौरान शांति और अंधेरा बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। दरअसल, अगर आप रोजाना एक अच्छी नींद लेते हैं, तो इससे पार्किन्संस जैसी समस्या से बचा जा सकता है।
- नाश्ता करना न भूलना
अक्सर देखा जाता है, कि लोग जल्दबाजी में अपना नाश्ता करना भूल जाते हैं, जो सेहत के लिए कहीं न कहीं नुकसानदायक साबित हो सकता है। दरअसल, अगर आप उन लोगों में से हैं, जो अपनी डेली लाइफ में नाश्ता करना बिल्कुल भी नहीं भूलते हैं, तो आप इस दौरान सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याओं से अपना बचाव कर सकते हैं। आम तौर पर, पार्किंसंस जैसी बीमारी से बचने के लिए आप अपनी डाइट में सेहतमंद चीजों को शामिल कर सकते हैं और साथ में इस के लिए अपने सुबह के नाश्ते को समय पर करना बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान आप अपने सुबह के नाश्ते में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और प्रोटीन की ज्यादा मात्रा वाले खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा, आप अपनी सुबह की डाइट में अंकुरित अनाज, दूध और साथ में कुछ ड्राई फ्रूट्स को भी शामिल कर सकते हैं। इस से आपकी सेहत को काफी ज्यादा फायदा मिलने के साथ- साथ पार्किंसंस रोग से बचने में भी काफी ज्यादा मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष: पार्किंसंस बीमारी एक आम समस्या है, जो एक व्यक्ति के दिमाग से जुड़ी हुई होती है। यह समस्या आज के युवाओं और बुजुर्ग दोनों को ही एक समान रूप से प्रभावित कर सकती है। पार्किंसंस बीमारी से लड़ने के लिए समय पर सोना, रोजाना अपना नाश्ता करना न भूलना, नियमित कसरत और वर्कआउट करना और डाइट में विटामिन और मिनरल्स को शामिल करना जैसी कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जा सकता है। इसके अलावा, इस समस्या की शुरुआत में ही कुछ लक्षणों का पता चलने पर शरीर में होने वाली गंभीर परेशानियों से अपना बचाव किया जा सकता है। पार्किंसंस रोग गंभीर होने पर आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करने के लिए और पार्किंसंस जैसी दिमाग से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या का समाधान पाने के लिए आप आज ही न्यूरो लाइफ ब्रेन एंड स्पाइन सेंटर में जाकर इसके विशेषज्ञों से जानकारी ले सकते हैं।