Neurocysticercosis: दिमागी कीड़े के खात्मे के लिए अपनाए इसके बेहतरीन उपाय !

Categories
Hindi Neurological Disorder

Neurocysticercosis: दिमागी कीड़े के खात्मे के लिए अपनाए इसके बेहतरीन उपाय !

Loading

न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस (Neurocysticercosis): अगर आपके भी सिर में दर्द की समस्या हमेशा बनी रहती है, तो हो जाए सतर्क, क्युकि सिर में दर्द की समस्या आपके दिमाग में कीड़े की मौजूदगी को दर्शा सकती है।

इसलिए आज के आर्टिकल में हम सिर में दर्द का दिमागी कीड़े से क्या तालुकात है , और इसको हम ठीक कैसे करे या इसको ठीक करने के उपाय क्या है इसके बारे में बात करेंगे। तो चलिए शुरुआत करते है आर्टिकल की ;

दिमाग में कीड़ा उत्पन कैसे होता है ?

  • दिमाग में कीड़ा उत्पन होने की बीमारी को मेडिकल की भाषा में न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस (Neurocysticercosis) के नाम से जाना जाता है। 
  • न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस दिमाग या नर्वस सिस्टम में संक्रमण से जुड़ी एक गंभीर स्थिति है, जो शरीर में टीनिया सोलियम नाम के परजीवी या उनके अंडे के प्रवेश के कारण होता है। 
  • ये परजीवी मिट्टी में पैदा होते हैं। जब आप मिट्टी में उगने वाली सब्जियों का सेवन करते हैं तो ऐसे में इन परजीवी और अंडों के निकलने की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है। क्योंकि ये सब्जियों के पत्तों और सतह पर रह सकते हैं।
  • इसके अलावा पोर्क (सुअर का मीट) खाने वाले लोगों में भी इसकी अधिक संभावना होती है।
  • एक बार शरीर में ये कीड़े या अंडे पहुंच जाएं तो रक्त के साथ ही ये आपके दिमाग तक आसानी से पहुंच जाते है।
See also  What are the symptoms and treatment options of brain hemorrhage?

क्या दिमाग में कीड़े का उत्पन होना सिर दर्द का कारण बन सकता है ?

  • कुछ अनुभवी डॉक्टरों का मानना है कि जब टीनिया सोलियम नाम के परजीवी कीड़े दिमाग में घुस जाते हैं तो यह दिमाग को संक्रमित कर सकते हैं और यही संक्रमण सिर दर्द और दौरे का कारण बन सकती है। 
  • इसके अलावा यह कीड़े इतने घातक होते हैं कि ये लीवर और मांसपेशियों को भी प्रभावित कर सकते हैं। जिससे सूजन हो सकती है और भविष्य में चल कर आपके अंदर मांसपेशियों में गांठ बनने की समस्या उत्पन हो जाती हैं।

दिमाग में कीड़े उत्पन होने के लक्षण क्या है ?

See also  What are the warning signs your child might have a neurological disorder?

इसके लक्षण निम्न प्रस्तुत है ;

  • सिर में दर्द का होना। 
  • मिर्गी का दौरा पड़ना। 
  • बोलने में परेशानी का सामना करना। 
  • शरीर का तालमेल बैठाने में दिक्कत यानी आपके शरीर के अंगों का शिथिल (ढीला) होना।
  • जुबान का लड़खड़ाना। 
  • आंखों की रोशनी का कमजोर होना और बुखार की समस्या। 
  • शरीर के कुछ अंगो का कमजोर होना आदि।

आपको उपरोक्त लक्षणों से यदि लग रहा है की आपके दिमाग में कीड़े ने जन्म ले लिया है तो बेस्ट न्यूरोलॉजिस्ट लुधियाना से इसके बारे में जानकरी एकत्र करे।

उपाय क्या है दिमागी कीड़े से बचाव का ?

  • दिमाग के कीड़े से बचने का उपाय यही है कि कभी भी आपको कच्ची सब्जियों का सेवन नहीं करना है, क्योंकि इससे आपको अधिक जोखिम हो सकता है। 
  • हमेशा सब्जियों को खाने से पहले अच्छी तरह से धोएं। फिर इसे पूरी तरह पकाने के बाद ही सेवन करें। ऐसा करने से परजीवी और उनके अंडे आसानी से नष्ट हो जाते है।
See also  क्या आम इंसान को अचानक से पड़ सकता है मिर्गी का दौरा? डॉक्टर से जानें इसके कारण और लक्षणों के बारे में!

सुझाव :

यदि आपके दिमाग में कीड़ो ने आक्रमण कर दिया है तो इसे नज़रअंदाज़ न करे बल्कि इसके लिए न्यूरो लाइफ ब्रेन एन्ड स्पाइन सेंटर के अनुभवी डॉक्टरों से इससे निजात पाने के तरीकों के बारे में जानकारी हासिल करे।

निष्कर्ष :

दिमाग में कीड़े का उत्पन होना काफी खतरनाक होता है। क्युकि ये कीड़ा अपने साथ कई अन्य बीमारियों को लेकर आता है। इसलिए आपके दिमाग में कीड़ा उत्पन न हो इसके लिए आप उपरोक्त बातो का खास ध्यान रखे।