ब्रेन ट्यूमर (मस्तिष्क में गांठ) के लक्षण क्या है? यह कैसे ठीक होता है?

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ब्रेन ट्यूमर (मस्तिष्क में गांठ) के लक्षण क्या है? यह कैसे ठीक होता है?

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ब्रेन ट्यूमर जिसे मस्तिष्क में गांठ के नाम से भी जाना जाता है, वही ये ट्यूमर अगर व्यक्ति के दिमाग में हो जाए तो उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा मस्तिष्क में गांठ को कैसे पहचाने और इसके कारण क्या है और इससे हम अपना बचाव कैसे कर सकते है इसके बारे आज के आर्टिकल में चर्चा करेंगे। तो आप भी अगर ब्रेन में गांठ को जानकर इससे बचाव करना चाहते है तो इसके लिए आर्टिकल के साथ अंत तक जरूर बने रहें ;

मस्तिष्क में गांठ के कारण क्या है ?

  • शरीर या मस्तिष्क पर की गई पुरानी रेडिएशन थेरेपी की वजह से ब्रेन ट्यूमर होने का ख़तरा बढ़ जाता है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक ब्रेन ट्यूमर के ख़तरे को कम करने के लिए वयस्कों और बच्चों को अपने सेल फोन के उपयोग को सीमित करना चाहिए और हो सके तो हैंड्स-फ्री हेडफ़ोन का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
  • घर और कार्यस्थल का वातावरण भी व्यक्ति को कैंसर की समस्या में डाल सकता। 
  • पारिवारिक इतिहास भी कही न कही ब्रेन ट्यूमर के कारणों में शामिल है। 
  • ब्रेन ट्यूमर होने के कारण में उम्र को भी एक महत्वपूर्ण जरिया माना जाता है। 
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मस्तिष्क में गांठ या कैंसर के कारणों के बारे में विस्तार से जानने के लिए आपको लुधियाना में बेस्ट न्यूरोलॉजिस्ट का चयन करना चाहिए।

मस्तिष्क में गांठ या ब्रेन ट्यूमर किसे कहा जाता है ?

  • ब्रेन ट्यूमर आपके मस्तिष्क में असामान्य कोशिकाओं की एक गांठ के रूप में मानी जाती है। 
  • इसके अलावा ब्रेन ट्यूमर की बात करें तो इसे प्राथमिक (primary) और द्वितीय (secondary) ब्रेन ट्यूमर में बाटा जाता है। 
  • वही प्राथमिक ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि के कारण ही ये बनते है, जबकि द्वितीय ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क की कोशिकाओं को छोड़कर शरीर की अन्य कोशिकाओं से विकसित होते है।
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ब्रेन ट्यूमर के लक्षण क्या है ?

  • सिर में दर्द या दबाव जो सुबह के समय अधिक होता है।
  • अक्सर मतली या उल्टी की समस्या का सामना करना। 
  • आंखों की समस्याएं, जैसे धुंधला दिखाई देना या दोहरी दृष्टि।
  • एक हाथ या एक पैर का ठीक से काम न करना।
  • शारीरिक व मानसिक संतुलन को बनाए रखने में परेशानी का सामना करना। 
  • बहुत थकान महसूस करना।
  • स्मृति या याद रखने में समस्या का सामना करना। 
  • मूड या फिर व्यवहार में परिवर्तन। 
  • दौरे का पड़ना आदि।

यदि आपके ये लक्षण गंभीर रूप धारण कर लें, और जिसकी वजह से आपको अपने दिमाग की सर्जरी करवानी पड़े, तो इसके लिए आप लुधियाना में बेस्ट न्यूरो सर्जन से संपर्क कर सकते है। पर सर्जरी का फैसला बिना डॉक्टर के सलाह पर न लें।

कैंसर के लिए बेस्ट हॉस्पिटल व सेंटर !

अगर आपके दिमाग में ब्रेन ट्यूमर ने हमला कर दिया है तो इससे बचाव के लिए आपको न्यूरो लाइफ ब्रेन एन्ड स्पाइन सेंटर के अनुभवी सर्जन का चयन करना चाहिए। लेकिन दिमाग में किसी भी तरह की सर्जरी को करवाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 

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ब्रेन ट्यूमर से कैसे करें खुद का बचाव ?

  • ब्रेन ट्यूमर में अनुभवी सर्जन व डॉक्टर आपके दिमाग की सर्जरी करते है और सर्जरी के साथ वो रेडिएशन और कीमोथेरेपी आदि का भी प्रयोग करते है। 
  • वही डॉक्टरों का कहना है की व्यक्ति धूम्रपान और रेडिएशन जैसे जोखिमों से बचकर ब्रेन ट्यूमर के जोखिमों को कम कर सकते है।

निष्कर्ष :

मस्तिष्क में गांठ या ब्रेन ट्यूमर की समस्या को काफी खतनाक माना जाता है, इसलिए जरूरी है की अगर आपको इसके लक्षण नज़र आने लगे तो बिना समय गवाए आप डॉक्टर के संपर्क में आए। इसके अलावा किसी भी तरह के उपचार को खुद से न अपनाएं, जब तक डॉक्टर के द्वारा उसे मंजूरी न दी जाए।