ब्रेन स्ट्रोक कितने प्रकार के होते है, इसके प्रमुख लक्षण, कारण और कैसे किया जाता है इलाज ?

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ब्रेन स्ट्रोक कितने प्रकार के होते है, इसके प्रमुख लक्षण, कारण और कैसे किया जाता है इलाज ?

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ब्रेन स्ट्रोक मस्तिष्क से जुड़ा एक गंभीर विकार है, जिसमें मस्तिष्क को पूर्ण रूप रक्त प्राप्त नहीं पाता है, जिसकी वजह से मस्तिष्क के हिस्से में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी होने लग जाती है और मस्तिष्क की कोशिकाएं मरने लग जाती है | ब्रेन स्ट्रोक को रोकने के लिए स्वस्थ जीवनशैली को अपनाना, नियमित रूप से व्यायाम करना, संतुलित आहार का सेवन करना और शराब और धूम्रपान जैसे नशीली पदार्थों का सेवन करने बचना बेहद महत्पूर्ण होता है | आइये जानते है ब्रेन स्ट्रोक की समस्या को विस्तारपूर्वक से :- 

 

ब्रेन स्ट्रोक क्या होता है ? 

ब्रेन स्ट्रोक मस्तिष्क से जुडी एक गंभीर और चिकित्सकीय आपातकालीन स्थिति होती है, जिसमें किसी कारणवश मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त प्रवाह बाधित होने लग जाता है | जिसकी वजह से मस्तिष्क के उस हिस्से ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है और मस्तिष्क की कोशिकाएं मरने लग जाती है | ब्रेन स्ट्रोक के कारण मस्तिष्क के प्रभावित हिस्से के अनुसार पीड़ित व्यक्ति को विभिन्न शरीरिक और मानसिक स्थिति से गुजरना पड़ जाता है, जैसे की बोलने में परेशानी होना, सुनने की क्षमता का कम होना, चलने- फिरने में कठिनाई होनी, सोचने की क्षमता को खोना, शरीरिक विकलांगता, यादाशत कमज़ोर होना यहाँ तक की इससे मरीज़ की मृत्यु भी हो सकती है | 

 

इसलिए पीड़ित व्यक्ति के लिए यह ज़रूरी होता है की ब्रेन स्ट्रोक से जुड़े लक्षणों का पता लगते ही तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और अपना इलाज करवाएं, क्योंकि ब्रेन स्ट्रोक का सटीक उपचार उसकी प्रकृति पर निर्भर करता है | आइये जानते है ब्रेन स्ट्रोक के मुख्य लक्षण और कारण क्या है :- 

ब्रेन स्ट्रोक के प्रकार, लक्षण और इलाज: जानें सब कुछ

ब्रेन स्ट्रोक के मुख्य लक्षण क्या है ? 

ब्रेन स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण निम्नलिखित है :- 

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  • बोलने, सुनने और समझने की क्षमता का कमज़ोर होना | 
  • आंखों की दृष्टि से जुड़ी समस्या 
  • चलने-फिरने में परेशानी होना | 
  • असहनीय सिरदर्द होना 
  • भ्रम या फिर चेतना में बदलाव 

 

ब्रेन स्ट्रोक होने के मुख्य कारण क्या है ? 

ब्रेन स्ट्रोक होने के प्रमुख कारण निम्नलिखित है :- 

 

  • इस्केमिक स्ट्रोक :- यह स्ट्रोक होने के सबसे आम कारण है | जब मस्तिष्क में मौजूद धमनिया किसी कारणवश अवरुद्ध हो जाती है, तो इससे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह काफी कम हो जाता है, इस स्थिति को इस्केमिक स्ट्रोक के नाम से भी जाना जाता है | 

 

  • रक्तस्रावी स्ट्रोक :- जब मस्तिष्क की रक्त वाहिकाएं में रिसाव होने या फिर फटने की वजह से रक्त प्रवाह में गड़बड़ी हो जाती है, तो इसे रक्तस्रावी स्ट्रोक कहा जाता है | यह रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाली कई स्थितियों के परिणामस्वरूप हो सकता है |       

 

ब्रेन स्ट्रोक होने के कुछ जोखिम कारक

ब्रेन स्ट्रोक होने के कुछ जोखिम कारक ऐसे भी है, जो इस स्थिति को बढ़ावा देने का कार्य करते है, जिनमें शामिल है :- 

  • मोटापा 
  • मधुमेह की समस्या 
  • तनावपूर्ण जीवन होना 
  • शराब का अधिक मात्रा में सेवन करने से 
  • रक्तचाप का उच्च स्तर होना और कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर होना 
  • हृदय संबंधी समस्या का होना 
  • बढ़ती उम्र 
  • अनुवांशिक कारणों से 
  • तंबाकू और धूम्रपान का सेवन करने से आदि |         

 

ब्रेन स्ट्रोक कितने प्रकार के होते है ?          

ब्रेन स्ट्रोक मुख्य रूप से दो प्रकार के होते है, पहला है इस्केमिक स्ट्रोक और दूसरा है रक्तस्रावी स्ट्रोक | इसके अलावा ब्रेन स्ट्रोक के कुछ प्रकार इस तरह भी है :- 

 

  • थ्रोम्बोटिक स्ट्रोक :- जब मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में थक्का जमा होने लग जाता है, तो इस स्थिति को थ्रोम्बोटिक स्ट्रोक कहा जाता है | 
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  • एम्बोलिक स्ट्रोक :- जब शरीर के किसी और हिस्से से निर्मित खून के थक्के मस्तिष्क के रक्त वाहिकाओं में जाकर रुक जाते है तो इस स्थिति को एम्बोलिक स्ट्रोक कहा जाता है | 

 

  • ट्रांसिएंट इस्केमिक अटैक :- यह स्थिति अपेक्षाकृत हलके प्रकार का स्ट्रोक होता है, जिससे मस्तिष्क के रक्त प्रवाह में किसी कारणवश अस्थायी रुकावट होने लग जाती है |   

 

ब्रेन स्ट्रोक से बचाव कैसे करें ? 

ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है, जिसमें पड़ने पर आपातकालीन चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता पड़ जाती है, क्योंकि मरीज़ का जितनी जल्दी उपचार होगा, उतना ही जल्दी वह व्यक्ति ब्रेन स्ट्रोक से रिकवर हो पायेगा | लेकिन कुछ ऐसे उपाय मौजूद है, जिसके अनुसरण से ब्रेन स्ट्रोक से खुद का बचाव किया जा सकता है :- 

 

  • प्रतिदिन स्वस्थ आहार का सेवन करें 
  • नियमित रूप से योगासन और व्यायाम का अभ्यास करें 
  • धूम्रपान का सेवन करना बंद कर दें 
  • शराब के सेवन कम करें 
  • अपने मधुमेह की समस्या में प्रबंधन करें 
  • नियमित रूप से मोटापे को कम करें 
  • तनाव में प्रबंधन करें 
  • रोज़ाना 7 से 8 घंटे की नींद पूरी करें          
  • अपने स्वास्थ्य की नियमित रूप से जांच करवाते रहे

 

ब्रेन स्ट्रोक का कैसे किया जाता है इलाज ? 

ब्रेन स्ट्रोक का इलाज इस प्रकार पर निर्भर करता है, क्योंकि कई तरीकों से ब्रेन स्ट्रोक का इलाज किया जाता है, जिनमें शामिल है :- 

 

  • रक्तस्रावी स्ट्रोक के इलाज के लिए, दवाओं से मस्तिष्क के रक्त वाहिकाओं में रक्त के थक्के बनाये जाते है | इसके अलावा मस्तिष्क में जमा रक्त को निकालने के लिए या फिर दबाव को कम करने के लिए सर्जरी को करने की आवश्यकता भी पड़ जाती है | 
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  • इस्केमिक स्ट्रोक के इलाज के लिए, रक्त के थक्के को घोलने वाले दवाओं का उपयोग किया जाता है | इसके अलावा एंडोवस्कुलर थ्रोम्बेक्टोमी नामक प्रक्रिया का उपयोग करके थक्के को हटाया जाता है | 

 

  • मस्तिष्क में उत्पन्न सूजन को कम करने के लिए एंटीहाइपरटेंसिव दवाओं और और IV तरल पदार्थ का उपयोग किया जाता है | 

 

  • धमनीशिरापरक विकृति यानी एवीएम को हटाने के लिए या फिर सिकोड़ने के लिए सर्जरी या विकीकरण प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है |

 

  • सूजन को कम करने और खोपड़ी के अस्थायी हिस्से को हटाने के लिए क्रोनियोटॉमी सर्जरी को करने की आवश्यकता भी पड़ सकती है |      

 

ब्रेन स्ट्रोक एक गंभीर बीमारी है, इसलिए इससे जुड़े लक्षणों का सही समय पर पहचान करना और इलाज करवाना एक पीड़ित व्यक्ति के लिए बेहद ज़रूरी होता है | एक स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने और नियमितरूप से डॉक्टर से जांच-पड़ताल करवाने से ब्रेन स्ट्रोक से बचाव किया जा सकता है | यदि आप या फिर आपका कोई भी परिजन ब्रेन स्ट्रोक से जुड़े लक्षणों से गुजर रहा है तो इलाज के लिए आप डॉक्टर अमित मित्तल से परामर्श कर सकते है | 

डॉक्टर अमित मित्तल न्यूरो लाइफ ब्रेन एंड स्पाइन सेंटर के सीनियर कंसल्टेंट और पंजाब के बेहतरीन ब्रेन एंड स्पाइन सर्जन स्पेशलिस्ट में से एक है, जो पिछले 15 वर्षों से पीड़ित मरीज़ों का स्थायी रूप से इलाज कर रहे है | इसलिए आज ही न्यूरो लाइफ ब्रेन एंड स्पाइन सेंटर की ऑफिसियल पर जाएं और परामर्श के लिए तुरंत अपनी अप्पोइन्मनेट को बुक करें | इसके आप वेबसाइट में मौजूद नंबरों से भी संपर्क कर सकते है |