रीढ़ की हड्डी में दर्द के क्या है – कारण, लक्षण और उपाय ?

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रीढ़ की हड्डी में दर्द के क्या है – कारण, लक्षण और उपाय ?

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रीढ़ की हड्डी हमारे शरीर के महत्वपूर्ण अंगो में से एक है अगर किसी कारण वश इनमे परेशानी आ जाए तो ये हमारे पूरे शरीर की गतिविधियों व तालमेल को ख़राब कर देती है। पर रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्या क्यों होती है और इसको हम कैसे ठीक कर सकते है इसके बारे में आज के इस आर्टिकल में बात करेंगे ;

रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्या क्यों उत्पन होती है ?

  • रीढ़ की हड्डी में यदि किसी प्रकार की क्षति पहुंचती है तो इससे व्यक्ति के जीवन पर काफी बुरा प्रभाव पड़ सकता है। 
  • वही कई प्रकार की चोट और बीमारियों की वजह से रीढ़ की हड्डी का सेहत पर फर्क पड़ता है। यदि इन चोटों का समय रहते ध्यान न दिया जाए तो ये आगे चल के भयंकर बीमारी का रूप धारण कर सकती है।  
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क्या है रीढ़ की हड्डी ?

  • मानव शरीर के रचना में ‘रीढ़ की हड्डी’ या मेरुदंड या बैकबोर्न, पीठ की हड्डियों का समूह है जो मस्तिष्क के पिछले भाग से निकलकर गुदा के पास तक जाती है। इसमें 33 खण्ड होते हैं। तो वही रीढ़ की हड्डी मेरुदण्ड के भीतर ही मेरूनाल में मेरूरज्जु के पास सुरक्षित रहता है।
  • जवान उम्र के लोगों में इसकी लंबाई आमतौर पर 40 सेंटीमीटर और चौड़ाई 2 सेंटीमीटर तक होती है। वही इसकी संरचना की बात करे तो इसमें कई सारी नसें और सेल्स रहते हैं जो कि हमारे दिमाग से पूरे शरीर तक संदेश पहुंचाते हैं।

रीढ़ की हड्डी में दर्द के लक्षण क्या है ?

  • कमर के निचले हिस्से में दर्द और कुछ मौकों पर जकड़न का एहसास होना।
  • इस प्रकार का दर्द कुछ लोगों को रात में भी परेशान करता है।
  • कभी-कभी चलने फिरने या एक्सरसाइज के बाद भी दर्द बढ़ जाता है।
  • इसके अलावा कई बार दर्द कमर से होते हुए कुल्हें तक भी जा पहुँचता है।
  • कई ऐसे लोग हैं जिन्हें ऐसे मौके पर सुन्नता का एहसास होता है।
  • सुबह उठते वक़्त कमर में तेज दर्द का होना।
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यदि रीढ़ की हड्डी के लक्षण ज्यादा गंभीर नज़र आ रहे है तो बेस्ट न्यूरोलॉजिस्ट लुधियाना का चयन करे।

रीढ़ की हड्डी को दर्द से बचाने के उपाय क्या है ?

  • रीढ़ की हड्डी को बेहतर बनाने के लिए स्वस्थ खानपान का सेवन करे। 
  • अपनी डाइट में ताज़ा फल, सब्जियां, दालें और प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें। अपनी जीवनशैली में व्यायाम को जरूर शामिल करे। 
  • सीधे चलने एवं सीधे खड़े रहने की आदत डालें। ज्यादा झुक कर बैठने से बचें। धूम्रपान व शराब के सेवन से बचें। सोते समय अपनी पोजी़शन को व्यवस्थित रखें। यदि आपको पेट के बल सोने की आदत है तो इस आदत को ज़रूर बदले। 
  • यदि आप लंबे समय तक कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करते हैं तो अपने बैठने की पोजी़शन को बदलते रहे। ज़्यादा लंबे समय तक यदि आप ड्राइव कर रहे है तो अपनी पीठ के पीछे तकिए का सहारा ले।
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इन उपायों को अपनाने के बाद भी आपको दर्द से राहत नहीं मिल रहा तो आप न्यूरो लाइफ ब्रेन एन्ड स्पाइन सेंटर का चयन करे, अपनी रीढ़ की हड्डी के इलाज के लिए।

निष्कर्ष :

यदि रीढ़ की हड्डी में दर्द ज्यादा बना हुआ है, तो इसके लिए अनुभवी डॉक्टरों के सलाह पर बेहतरीन इलाज व दवाइयों का विकल्प चुने। क्युकि शुरुआती दौर के दर्द को कंट्रोल करना आसान है, नहीं तो बाद में चलकर ये भयंकर रूप धारण कर सकता है।